2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत: जानें सही तारीख और प्रतिपदा श्राद्ध का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष एक महत्वपूर्ण समय है जब लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म करते हैं। यह अवधि विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने परिवार के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं।
इस वर्ष, 2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत 13 सितंबर से हो रही है और यह 28 सितंबर तक चलेगी। इस अवधि के दौरान, लोग अपने पूर्वजों के लिए तर्पण और श्राद्ध करते हैं।
प्रतिपदा श्राद्ध का महत्व
- प्रतिपदा तिथि: पितृ पक्ष की शुरूआत प्रतिपदा तिथि से होती है, जो कि इस वर्ष 13 सितंबर को है। यह तिथि विशेष रूप से उन पूर्वजों के श्राद्ध के लिए महत्वपूर्ण है जिनका निधन प्रतिपदा तिथि को हुआ था।
- आध्यात्मिक लाभ: ऐसा माना जाता है कि इस दिन श्राद्ध करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
श्राद्ध कर्म करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि विधिपूर्वक पूजा करना और ब्राह्मणों को भोजन कराना। यह न केवल धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि यह एक पारिवारिक परंपरा भी है जो पीढ़ियों से चली आ रही है।
पितृ पक्ष में किए गए श्राद्ध कर्म से पूर्वजों को शांति मिलती है और उनके आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसलिए, इस पावन अवधि का पूरा लाभ उठाएं और अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि दें।
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